सुनैना राजपूत, चुराह दुर्गम क्षेत्रों में स्कूल प्रबंधन कमेटी (एसएमसी) के माध्यम से
शिक्षकों की भर्ती की प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष की
घर वापसी होगी। अपना वादा पूरा कर विस उपाध्यक्ष घर लौट रहे हैं।
मंत्रिमंडल में जैसे ही हार्ड एरिया में एसएमसी नीति लागू करने की घोषणा
हुई चुराह घाटी में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। विस उपाध्यक्ष हंसराज भी
मुख्यमंत्री का आभार जताने पहुंच गए।
एसएमसी पॉलिसी लागू होने की घोषणा के
बाद ऐसे क्षेत्र के सैकड़ों बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा, वहीं हजारों की
संख्या में बच्चों को शिक्षक मिलेंगे।
गौर रहे कि गत दिनों चंबा व चुराह घाटी के कई स्कूलों में अध्यापकों के
रिक्त पदों से आम जनता में असंतोष की भावना पैदा हो गई थी। इसका दबाव
बढ़ने के बाद विस उपाध्यक्ष ने एलान किया था कि जब तक चंबा और चुराह घाटी
में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होती वे अपने घर नहीं लौटेंगे। इस संबंध में
दैनिक जागरण ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। हालांकि इससे पहले
स्कूलों में अध्यापकों की कमी के मसले को भी जागरण काफी जोरशोर से उठाता
रहा है।
इसके बाद हंसराज ने करीब तीन बार मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की थी कि चुराह सहित जितने भी दुर्गम क्षेत्र
हैं, वहां एसएमसी के समकक्ष कोई नीति बनाई जाए जिससे स्कूलों में शिक्षकों
की कमी को पूरा किया जाए।
मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में जैसे ही ऐसे क्षेत्रों में एसएमसी के
माध्यम से शिक्षकों की भर्ती करने की घोषणा हुई विस उपाध्यक्ष ने भी राहत
की सांस ली। एसएमसी के तहत सैकड़ों शिक्षक भर्ती होंगे और कई स्कूलों में
अध्यापक मिल पाएंगे। इस एलान के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से से मुलाकात की और उनका धन्यवाद किया। बताया जा
रहा है कि बुधवार को विस उपाध्यक्ष ने चुराह की राह पकड़ ली है। अपना प्रण
पूरा होते ही वह शिमला से चंबा की तरफ रवाना हुए।
मैंने प्रण किया था कि जब तक दुर्गम इलाकों में शिक्षकों की व्यवस्था
नहीं होती है, वह घर नही लौटेंगे। मुख्यमंत्री ने ऐसे क्षेत्रों के लिए
एसएमसी के माध्यम से अध्यापकों की भर्ती करने की घोषणा कर दी है। अब दुर्गम
स्थानों के स्कूलों को जल्द ही शिक्षक मिलेंगे। वह अब शिमला से घर लौट रहे
हैं।
हंसराज, विस उपाध्यक्ष