शिमला (प्रीति): खराब
रिजल्ट पर की गई कार्रवाई को लेकर विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सभी
जिलों को वर्ष 2011 में अधिसूचित पुअर रिजल्ट पॉलिसी की कॉपी जारी की है और
उपनिदेशकों को इस पॉलिसी से शिक्षकों को अवगत करवाने को कहा है।
इसके
अलावा जिला उपनिदेशकों को इस पॉलिसी के तहत आगे की कार्रवाई करने को भी कहा
गया है। इस दौरान विभाग ने सभी जिलों को 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के
खराब परिणाम देने वाले स्कूलों और शिक्षकों सहित प्रधानाचार्यों का ब्यौरा 2
दिन में भेजने के निर्देश भी जारी किए हैं। उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक
की ओर से ये निर्देश जारी किए गए हैं।
पुअर रिजल्ट पॉलिसी में यह भी है प्रावधान
इस पॉलिसी के तहत बोर्ड के परिणाम घोषित होने के 30 दिन के अंदर उपनिदेशकों को ऐसे स्कूल जिनके परिणाम कम आए हैं, उनके प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाना अनिवार्य है। इस बैठक में संबंधित डाईट के प्रधानाचार्य व एस.सी.ई.आर.टी. के अधिकारियों को भी बुलाया जाना चाहिए। इसमें रिजल्ट के कम आने के कारणों पर चर्चा की जानी चाहिए और कारण सामने आने पर उसमें उचित कार्रवाई की जानी चाहिए लेकिन जिलों में इस तरह की कोई भी बैठक नहीं की गई है। इसके चलते विभाग ने जिलों को यह अधिसूचना जारी की है।
इस पॉलिसी के तहत बोर्ड के परिणाम घोषित होने के 30 दिन के अंदर उपनिदेशकों को ऐसे स्कूल जिनके परिणाम कम आए हैं, उनके प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाना अनिवार्य है। इस बैठक में संबंधित डाईट के प्रधानाचार्य व एस.सी.ई.आर.टी. के अधिकारियों को भी बुलाया जाना चाहिए। इसमें रिजल्ट के कम आने के कारणों पर चर्चा की जानी चाहिए और कारण सामने आने पर उसमें उचित कार्रवाई की जानी चाहिए लेकिन जिलों में इस तरह की कोई भी बैठक नहीं की गई है। इसके चलते विभाग ने जिलों को यह अधिसूचना जारी की है।
उपनिदेशक कर सकते हैं कार्रवाई
इसके तहत रिजल्ट कम आने पर शिक्षा उपनिदेशक संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई कर सकता है। शिक्षा उपनिदेशक तुरंत प्रभाव से उस शिक्षक की इन्क्रीमैंट रोकनेे के आदेश जारी कर सकता है, जिस शिक्षक के विषय का बोर्ड परिणाम कम है। यह कार्रवाई उसी शिक्षक पर होगी जो पिछले 9 महीने से उक्त विषय छात्रों को पढ़ा रहा है।
इसके तहत रिजल्ट कम आने पर शिक्षा उपनिदेशक संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई कर सकता है। शिक्षा उपनिदेशक तुरंत प्रभाव से उस शिक्षक की इन्क्रीमैंट रोकनेे के आदेश जारी कर सकता है, जिस शिक्षक के विषय का बोर्ड परिणाम कम है। यह कार्रवाई उसी शिक्षक पर होगी जो पिछले 9 महीने से उक्त विषय छात्रों को पढ़ा रहा है।