शिमला: शिक्षा विभाग में कोर्ट से दोषी करार दिए जा चुके
2 शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई न होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया
है। दोनों शिक्षक स्कूलों में निरंतर सेवाएं दे रहें हैं, जबकि बताया जा
रहा है कि शिक्षक स्पैशल सी.बी.आई. कोर्ट से धोखाधड़ी व जालसाजी से जुड़े
मामलों में दोषी करार दिए गए हैं, बावजूद इसके
शिक्षा विभाग मामले से अभी
तक अनजान है। विभाग ने मामले पर कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई है। न तो
शिक्षकों पर कोई विभागीय जांच बिठाई गई है और न उन्हें कोई पैनल्टी लगाई
गई है, ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों में है।
कांगड़ा के स्कूलों में कार्यरत हैं दोनों शिक्षक
सूत्रों की मानें तो ऐसे मामलों में भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत
विभागीय जांच होना अनिवार्य है लेकिन शिक्षा विभाग ने इन नियमों पर कोई अमल
नहीं किया है, ऐसे में शिक्षा विभाग ने भर्ती एवं पदोन्नति नियमों की भी
अवहेलना की है। इस दौरान शिक्षकों पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। बताया
जा रहा है कि इस समय ये दोनों शिक्षक कांगड़ा के स्कूलों में कार्यरत हैं।
एक अंग्रेजी का प्रवक्ता है तो दूसरा स्कूल में पी.ई.टी. है। शिक्षक
स्पैशल सी.बी.आई. कोर्ट से कई मामलों में आरोपी करार दिए गए हैं, इसके बाद
भी शिक्षक ों की सेवाएं जारी हैं।
शिक्षकों का मांगा गया है रिकार्ड
शिक्षा सचिव डा. अरुण शर्मा का कहना है कि मामला ध्यान में आया है और
शिक्षा निदेशक को मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया
कि शिक्षा विभाग से दोनों शिक्षकों का रिकार्ड तलब किया गया है। विभाग से
शिक्षकों का पूरा ब्यौरा मांगा गया है। रिकार्ड आने के बाद ही मामले पर
अगली कार्यवाही अम्ल में लाई जाएगी।