हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : प्रदेशभर के स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद न भरे जाने के मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भरी अदालत में प्रतिकूल टिप्पणी की। गत 26 जून को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि शिक्षकों से जुड़े भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में आठ सप्ताह के भीतर संशोधन किया जाए और इसके बाद संशोधित नियमों के अनुसार शिक्षकों की भर्ती की जाए।
शिक्षकों से जुड़े भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन करने के लिए राज्य सरकार ने इस बार फिर से 3 महीनों की मांग की थी जिस पर हाईकोर्ट ने भरी अदालत में टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या राज्य सरकार शिक्षकों से जुड़े भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन करने के लिए संविधान में संशोधन करने जितना जटिल कार्य कर रही है। मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी व न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह स्कूलों में खाली पड़े पदों को इसी शैक्षणिक सत्र में भरे और अगले शैक्षणिक सत्र का इंतजार न किया जाए।इनमें से प्राथमिक स्कूलों में अध्यापकों के 25293 स्वीकृत पदों में से 1754 पद खाली चल रहे हैं और इसी तरह अपर प्राइमरी में अध्यापकों के 16185 स्वीकृत पदों में से 2499 पद खाली हैं तथा सीएंडवी के 16901 स्वीकृत पदों में से 5277 पद खाली हैं।