हिमाचल हाईकोर्ट ने भरी अदालत में टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या राज्य
सरकार शिक्षकों से जुड़े भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन करने के लिए
संविधान में संशोधन करने जितना जटिल कार्य कर रही है?
प्रदेश भर के स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद न भरने के मामले में
हाईकोर्ट ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तलख टिप्पणी की है। मामले पर सुनवाई
25 नवंबर को निर्धारित की गई है।
हाईकोर्ट ने गत 26 जून को सरकार को आदेश दिए थे कि शिक्षकों से जुड़े आरएंडपी नियमों में आठ सप्ताह में संशोधन करे। इसके बाद संशोधित नियमों के अनुसार शिक्षक भर्ती की जाए। नियमों में संशोधन करने के लिए सरकार ने इस बार फिर से तीन महीने की मांग की थी।
इस पर मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी और न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिए कि वह स्कूलों में खाली पड़े पदों को इसी शैक्षणिक सत्र में भरे।
हाईकोर्ट ने गत 26 जून को सरकार को आदेश दिए थे कि शिक्षकों से जुड़े आरएंडपी नियमों में आठ सप्ताह में संशोधन करे। इसके बाद संशोधित नियमों के अनुसार शिक्षक भर्ती की जाए। नियमों में संशोधन करने के लिए सरकार ने इस बार फिर से तीन महीने की मांग की थी।
इस पर मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी और न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिए कि वह स्कूलों में खाली पड़े पदों को इसी शैक्षणिक सत्र में भरे।