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शहरी क्षेत्रो, निदेशालय में डटे शिक्षकों को दूरदराज भेजने की तैयारी

जागरण संवाददाता, शिमला : शिक्षकों के तबादला एक्ट को लेकर फिर से फाइल मूवमेंट शुरू हो गई है। सोमवार को राज्य सचिवालय में प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत की अध्यक्षता में तबादला एक्ट के प्रारूप को लेकर समीक्षा बैठक हुई। इसमें शिक्षकों के सेवाकाल (सर्विस रिकॉर्ड) पर चर्चा की गई।
प्रधान सचिव ने शिक्षा निदेशक को निर्देश दिए कि ऐसे शिक्षक जो शिक्षा निदेशालय, शिक्षा उप निदेशालय में प्रतिनियुक्ति पर हैं या अन्य राज्यों और दूसरे विभागों में सेवाएं दे रहे हैं उनके सेवाकाल के रिकॉर्ड भी तैयार किया जाए।
सूत्रों के अनुसार शहरों के आसपास के स्कूलों और प्रतिनियुक्ति पर शिक्षा निदेशालय में सालों से डटे शिक्षकों को दूरदराज के क्षेत्रों में भेजा जा सकता है। महिला शिक्षकों को तबादले में कुछ छूट दी जा सकती है। प्वाइंट स्कोर के आधार पर इन शिक्षकों के दूरदराज के क्षेत्रों में भी तबादले हो सकते हैं। सचिवालय में हुई इस बैठक में निदेशक उच्चतर शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा रोहित जम्वाल, विशेष सचिव शिक्षा हेमराज बैरवा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षा विभाग एक साल से ट्रांसफर एक्ट का प्रारूप तैयार करने में जुटा हुआ है।


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एनआइसी तैयार करेगी सॉफ्टवेयर
शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर एक्ट के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करने का जिम्मा एनआइसी को सौंपा है। एनआइसी की सहयोगी कंपनी निक्सी से इस काम को करवा रही है। शिक्षकों का सारा रिकॉर्ड इस सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जाएगा। उत्तराखंड और हरियाणा की तर्ज पर यह सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है।
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प्वाइंट स्कोर के आधार पर होंगे तबादले
विभाग ने ट्रांसफर एक्ट का जो प्रारूप तैयार किया है उसके अनुसार प्वाइंट स्कोर के हिसाब से शिक्षकों के तबादले होंगे। तबादले के लिए पांच जोन (ए, बी, सी, डी और ई) बनाए जाएंगे। जोन के हिसाब से अंक निर्धारित होंगे। इन सभी में सेवाएं देनी अनिवार्य होगी। यदि कोई टीचर जोन-डी और जोन-ई में सेवाएं नहीं देते तो हैं उन्हें पदोन्नति नहीं मिलेगी। ये दोनों जोन हार्ड और जनजातीय क्षेत्रों के लिए बनाए हैं। शैक्षणिक सत्र के मध्य में न तो तबादला होगा और न ही सेवानिवृत्ति।
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80 हजार टीचर आएंगे दायरे में
80 हजार नियमित और अनुबंध शिक्षक तबादला एक्ट के दायरे में आएंगे। इनमें जेबीटी, सीएंडवी (क्राफ्ट एंड वोकेशनल), टीजीटी, हेडमास्टर, पीजीटी/ स्कूल लेक्चरर न्यू, प्रिसिपल (स्कूल-कॉलेज), असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर शामिल हैं। जबकि 15 हजार से ज्यादा अस्थायी शिक्षकों (पीटीए, पैट, पैरा और एसएमसी) को तबादला एक्ट में शामिल ही नहीं किया जाएगा।
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शिक्षकों के ट्रांसफर एक्ट को लेकर रिव्यू बैठक हुई है। अभी शिक्षकों की सर्विस का रिकॉर्ड इकट्ठा किया जा रहा है। विभाग को निर्देश दिए हैं कि जल्द ही इस काम को पूरा करे।

-केके पंत, प्रधान सचिव शिक्षा।

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