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छह महीने में भरेंगे शिक्षकों के पद

जागरण संवाददाता, शिमला : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन को असिस्टेंट प्रोफेसर व गैर शिक्षकों के पदों को छह महीने के भीतर भरने की अनुमति मिल चुकी है। इसके लिए अब नए विज्ञापन नहीं दिए जाएंगे। सोमवार को विवि में आयोजित कार्यकारी परिषद (ईसी) की आपातकालीन बैठक में इसके लिए छह महीने के अनुमति दी गई है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की सीधी भर्ती जो विज्ञापन संख्या 1-2014 आठ सितंबर 2014 को जारी की गई थी, उसकी प्रचालन अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई थी। यह अवधि सात सितंबर 2015 को समाप्त हो रही है।
विभिन्न प्रषासनिक व अन्य कारणों से भर्ती के लिए निर्धारित एक वर्ष की सम्यावधि में भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी। इसलिए कार्यकारिणी परिषद की बैठक में इसे छह महीने की अतिरिक्त सम्यावधि प्रदान करने को अनुमोदित किया गया। साक्षात्कारों के लिफाफे खोलने पर भले ही राज्यपाल ने रोक लगा दी हो लेकिन अब प्रशासन शेष पदों के लिए साक्षात्कार शैड्यूल जारी करने जा रहा है। करीब 221 के करीब पदों के लिए छह महीने के भीतर साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी करने का फैसला विवि प्रशासन ने किया है। मुख्यमंत्री ने भी विवि में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के आदेश दिए थे। वहीं विवि का तर्क है कि राज्यपाल ने साक्षात्कार के लिफाफे खोलने के लिए रोक लगाई है, न कि साक्षात्कार आयोजित करने के लिए। ऐसे में अब विवि प्रशासन शीघ्रता से साक्षात्कार आयोजित कर देना चाहता है ताकि दोबारा पद विज्ञाप्ति नहीं करने पड़ें। उक्त फैसले से विवि काफी खर्च से बच गया है। इसके साथ ही प्रक्रिया में नए उम्मीदवार भी शामिल नहीं हो सकेंगे। बैठक में फैसला लिया गया है कि दूसरे सप्ताह से साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू की जाए। राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान विवि की भर्तियों में अनियमितता की शिकायत भाजपा ने की थी। इस दो दिन बाद दिन बाद ही राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अहम फैसला लेते हुए प्रदेश विश्वविद्यालय में वर्ष 2015 में हुई 11 शिक्षकों की भर्ती के परिणाम पर रोक लगा दी थी। भर्ती प्रक्रिया की पात्रता पर सवाल उठने के बाद लिए गए इस फैसले से विवि की ओर से विज्ञापित 232 पदों की भर्ती प्रक्रिया पर लगा अड़ंगा अब हट गया है। इस अवसर पर प्रति कुलपति, आचार्य राजेंद्र सिंह चौहान, हरीष जनार्था, डॉ. एसएस कौशल, आचार्य पी एन बंसल व देवी राम उपस्थित थे।
छह महीने के लिए शिक्षक गैर शिक्षक की भर्ती बढ़ा दी गई है। अब साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे।
डा. पंकज ललित, कुलसचिव
आनोखा है फैसला
विवि के इतिहास में पहली बार ऐसा हुए है जब विज्ञाप्ति पदों की समय अवधि बढ़ाई गई है। यूं तो हर विज्ञापन की अवधि एक साल होती है और भर्ती प्रक्रिया एक साल के भीतर पूरी करनी होती है नहीं तो दोबारा विज्ञापन होता है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान उक्त पदों के लिए विज्ञापन घोषित किया गया था। सत्ता परिवर्तन होने के बाद विज्ञापन रद कर दिए गए। विवि प्रशासन ने उस समय विज्ञापन अवधि में कोई बढ़ोतरी भी नहीं की मगर इस बार विज्ञापन अवधि को बढ़ा दिया गया। विवि प्रशासन यह बात जानता है सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के विरूद्ध भर्तियां हो रही हैं। ऐसे में जल्द साक्षात्कार आयोजित कर विवि प्रशासन अपना पल्ला झाड़ना चाहता है ताकि विवि प्रशासन के ऊपर कोई प्रश्न न लगाए।
वित्त कमेटी के सामने नहीं रखी रिपोर्ट
प्रदेश के हजारों छात्र फीस वृद्धि के फैसले से प्रभावित हुए हैं। इस मामले में लंबे समय से आंदोलन भी हुए हैं। इसके बावजूद विवि प्रशासन हाई पावर की कमेटी की रिपोर्ट को वित्त कमेटी के सामने नहीं रखा गया। पिछले तीन महीने से वित्त कमेटी की बैठक भी नहीं करवाई गई लेकिन भर्तियों के मामले को लेकर आपातकालीन बैठक करवाई गई।



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