धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ ने सरकारी स्कूलों के
श्क्षिकों की रिटायरमेंट बढ़ाने व उन्हें वेतन के साथ अतिरिक्त भत्ता देने
की मांग की है।
- सीएंडवी शिक्षकों के भरे जाएंगे 36 पद
- हिमाचल में शुरू हुई सीएंडवी अध्यापकों की बैचवाइज भर्ती
- 7वां वेतन आयोग : क्लिक करते ही पता चल जाएगा कि कितनी बढ़ेेगी सैलरी! : 7th Pay Commission Pay Scale Calculator
- जेबीटी टेट के लिए 8390 ने आवेदन किया था। इनमें 7775 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इसमें 4778 अभ्यर्थी पास हुए
- शिक्षा विभाग में भरे जाएंगे अंशकालीन जलवाहक के पद
- बैचवाइज भर्तियों में उलझ रहा पेंच
- होमगार्ड की सैलरी, शिक्षक पॉलिसी और वनरक्षकों की भर्ती पर फैसला कल
- बीएड प्रवेश परीक्षा-2016 की मेरिट सूची जारी
- 150 से अधिक जेबीटी शिक्षक पदोन्नत
- 43 शिक्षकों पर पड़ी युक्तिकरण की मार
राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्दर चौहान ने कहा है कि प्रदेश
सरकार से डाक्टरों की तर्ज पर शिक्षकों को भी सरकार प्रोफेशनल अलाउंस दे।
चूंकि शिक्षक भी इसी केटेगरी में आते हैं। व शिक्षकों की रिटायरमेंट की
सीमा बढ़ाकर 62 साल की जाये। ताकि शिक्षकों के अनुभव का फायदा शिक्षा के
विस्तार को मिल सके। उन्होंने दलील दी कि शिक्षक, डाक्टर व वकील एक ही तरह
से प्रोफेशनल काडर से हैं। इसमें तुर्जबा ज्यादा मायने रखता है। उन्होंने
सरकार से कंपोजिट स्कूल सिस्टम बनाने की भी मांग की, जिसके तहत शिक्षा से
जुड़े सभी विभागों को एक ही छत के नीचे लाया जाये। ताकि हर बच्चे को 24
घंटे शिक्षा मिल सके। इसके लिये सरकार कोई अतिरिक्त खर्च सरकार का नहीं
आयेगा। लेकिन शिक्षा का महौल सुधरेगा।
उन्होंने सरकार से शिक्षकों को अतिरिक्त काम से मुक्त करने की मांग करते
हुये कहा कि शिक्षा में उसी सूरत में सुधार होगा। जब शिक्षकों पर थोपे जा
रहे अतिरिक्त काम से छुटकारा दिलाया जाये। उन्होंने कहा कि इस समय शिक्षकों
को रेगूलर अपाईंटमेंट व प्रमोशन पर दो साल तक ग्रेड पे नहीं दिया जा रहा,
यह भेदभाव गल्त है। उन्होंने सरकार से इसे खत्म करने की मांग भी की।
उन्होंने कहा कि सरकार एकमुशत शिक्षकों की वेतन विसंगतियों को दूर करे ताकि
भेदभाव खत्म हो। उन्होंने कहा कि 4 9 14 का मामला अभी तक लटका है, उसका
जल्द समाधान जल्द किया जाये।