शिक्षा विभाग में स्कूल मैनजेमेंट कमेटी (एसएमसी) के तहत तैनात शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले ही इन के एनुअल कांट्रेक्ट को रिन्यू किया जाएगा। दिसंबर महीने में शिक्षकों का ये करार खत्म हो चुका था।
शिक्षकों को भले ही सरकार ने स्थाई पॉलिसी बनाने की घोषणा की थी, लेकिन करार खत्म होने के चलते शिक्षकों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। शिक्षक इस असमंजस में थे कि यदि करार खत्म हो जाता है और पॉलिसी बाद में बनती है तो उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। राज्य के सरकारी स्कूलों में 4 हजार के करीब एसएमसी आधार पर कार्यरत है। इनमें जेबीटी, टीजीटी, सीएंडवी और पीजीटी शिक्षकों को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर एसएमसी आधार पर तैनाती दी है।
जेबीटी, सीएंडवी, टीजीटी और पीजीटी के पद पर इसी प्रक्रिया के तहत नियुक्ति होती है। ये नियुक्ति एक साल के लिए होती है। क्लॉज-9 के तहत यदि कोई स्थाई टीचर आता है तो उन्हें हटना पड़ता है। एक साल के बाद इनका कांट्रेक्ट रिन्यू किया जाता है।
नौकरीपर था संकट
मुख्यमंत्रीवीरभद्र सिंह ने एसएमसी शिक्षकों के कार्यक्रम में इनके लिए स्थाई पॉलिसी बनाने की घोषणा की थी। पॉलिसी को लेकर अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। ही शिक्षकों का कांट्रेक्ट रिन्यू हो पाया था। ऐसे में शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटकी हुई थी खासकर विंटर वेकेशन वाले स्कूलों में।
इन जिलों में 15 फरवरी को स्कूल खुलने हैं। यदि काॅन्ट्रेक्ट रिन्यू होता तो यहां पर तैनात शिक्षकों की नौकरी चली जानी थी। अब शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को राहत प्रदान की है।
कांट्रेक्ट खत्म होने से पहले होगा रिन्यू
^जिनएसएमसी शिक्षकों का कांट्रेक्ट खत्म हो गया है उन्हें रिन्यू कर दिया जाएगा। विंटर वेकेशन वाले स्कूलों में सत्र शुरू होने से पहले इसे रिन्यू कर दिया जाएगा ताकि स्कूलों में भी पढ़ाई बाधित हो। बाकी जगह जैसे जिस शिक्षक का करार खत्म होगा। उसके करार को कंटीन्यू कर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चली हुई है। सरकार ने इन शिक्षकों के लिए पॉलिसी बनाने की घोषणा की है। डाॅ.बीएल बिंटा, उच्चतर शिक्षा, निदेशक
प्रदेश में 4 हजार एसएमसी शिक्षक
राज्यमें चार हजार के करीब एसएमसी शिक्षक तैनात है। पिछले चार सालों में सबसे ज्यादा नियुक्तियां एसएमसी आधार पर हुई है। हालांकि एसएमसी पॉलिसी कांग्रेस सरकार अपने पूर्व कार्यकाल में लेकर आई थी। लेकिन इतनी ज्यादा नियुक्तियां पिछले चार सालों में ही की गई। इनमें जेबीटी शिक्षक को 3500, टीजीटी को 6 हजार और सीएंडवी शिक्षक को 4500 के करीब मानदेय फिक्स किया गया है। पिरियड बेस्ड टीचर भी इन्हें कहा जाता है।
एसएमसी शिक्षक
शिक्षकों को भले ही सरकार ने स्थाई पॉलिसी बनाने की घोषणा की थी, लेकिन करार खत्म होने के चलते शिक्षकों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। शिक्षक इस असमंजस में थे कि यदि करार खत्म हो जाता है और पॉलिसी बाद में बनती है तो उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। राज्य के सरकारी स्कूलों में 4 हजार के करीब एसएमसी आधार पर कार्यरत है। इनमें जेबीटी, टीजीटी, सीएंडवी और पीजीटी शिक्षकों को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर एसएमसी आधार पर तैनाती दी है।
- एंडवी शिक्षकों के भरे जाएंगे 36 पद
- हिमाचल में शुरू हुई सीएंडवी अध्यापकों की बैचवाइज भर्ती
- 7वां वेतन आयोग : क्लिक करते ही पता चल जाएगा कि कितनी बढ़ेेगी सैलरी! : 7th Pay Commission Pay Scale Calculator
- जेबीटी टेट के लिए 8390 ने आवेदन किया था। इनमें 7775 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इसमें 4778 अभ्यर्थी पास हुए
- शिक्षा विभाग में भरे जाएंगे अंशकालीन जलवाहक के पद
- बैचवाइज भर्तियों में उलझ रहा पेंच
- होमगार्ड की सैलरी, शिक्षक पॉलिसी और वनरक्षकों की भर्ती पर फैसला कल
- बीएड प्रवेश परीक्षा-2016 की मेरिट सूची जारी
- 150 से अधिक जेबीटी शिक्षक पदोन्नत
- 43 शिक्षकों पर पड़ी युक्तिकरण की मा
जेबीटी, सीएंडवी, टीजीटी और पीजीटी के पद पर इसी प्रक्रिया के तहत नियुक्ति होती है। ये नियुक्ति एक साल के लिए होती है। क्लॉज-9 के तहत यदि कोई स्थाई टीचर आता है तो उन्हें हटना पड़ता है। एक साल के बाद इनका कांट्रेक्ट रिन्यू किया जाता है।
नौकरीपर था संकट
मुख्यमंत्रीवीरभद्र सिंह ने एसएमसी शिक्षकों के कार्यक्रम में इनके लिए स्थाई पॉलिसी बनाने की घोषणा की थी। पॉलिसी को लेकर अभी तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। ही शिक्षकों का कांट्रेक्ट रिन्यू हो पाया था। ऐसे में शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटकी हुई थी खासकर विंटर वेकेशन वाले स्कूलों में।
इन जिलों में 15 फरवरी को स्कूल खुलने हैं। यदि काॅन्ट्रेक्ट रिन्यू होता तो यहां पर तैनात शिक्षकों की नौकरी चली जानी थी। अब शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को राहत प्रदान की है।
कांट्रेक्ट खत्म होने से पहले होगा रिन्यू
^जिनएसएमसी शिक्षकों का कांट्रेक्ट खत्म हो गया है उन्हें रिन्यू कर दिया जाएगा। विंटर वेकेशन वाले स्कूलों में सत्र शुरू होने से पहले इसे रिन्यू कर दिया जाएगा ताकि स्कूलों में भी पढ़ाई बाधित हो। बाकी जगह जैसे जिस शिक्षक का करार खत्म होगा। उसके करार को कंटीन्यू कर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चली हुई है। सरकार ने इन शिक्षकों के लिए पॉलिसी बनाने की घोषणा की है। डाॅ.बीएल बिंटा, उच्चतर शिक्षा, निदेशक
प्रदेश में 4 हजार एसएमसी शिक्षक
राज्यमें चार हजार के करीब एसएमसी शिक्षक तैनात है। पिछले चार सालों में सबसे ज्यादा नियुक्तियां एसएमसी आधार पर हुई है। हालांकि एसएमसी पॉलिसी कांग्रेस सरकार अपने पूर्व कार्यकाल में लेकर आई थी। लेकिन इतनी ज्यादा नियुक्तियां पिछले चार सालों में ही की गई। इनमें जेबीटी शिक्षक को 3500, टीजीटी को 6 हजार और सीएंडवी शिक्षक को 4500 के करीब मानदेय फिक्स किया गया है। पिरियड बेस्ड टीचर भी इन्हें कहा जाता है।
एसएमसी शिक्षक