मणिकुमार सरोआ, ऊना शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में ड्यूटी में कोताही बरतने
वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए गठित निरीक्षण टीमों के सदस्य बिना
ठिकाने इधर-उधर भटक रहे हैं। शिक्षा विभाग ने निरीक्षण टीमों का गठन तो कर
दिया, लेकिन इन टीमों के सदस्यों को न कोई कार्यालय दिया गया है और न ही
आवागमन के लिए कोई वाहन, ऊपर से निरीक्षण टीम भी अधूरी है।
जिस कारण निरीक्षण टीम ऊना के सदस्य बिना कार्यालय व सुविधाओं के अन्य विभागों की पनाह लेने को मजबूर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र ¨सह ने बीते वर्ष बजट भाषण में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सभी जिलों में निरीक्षण टीमों का गठन करने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए थे। शिक्षा विभाग की ओर से जिला ऊना में सिर्फ निरीक्षण टीम के जिला उपनिदेशक केएस चंदेल व प्रधानाचार्य अशोक कुमार चौधरी को ही नियुक्त किया है, बल्कि इस टीम में एक उपनिदेशक, एक प्रधानाचार्य, एक ब्लॉक अधिकारी, एक क्लर्क, एक पीयून सहित छह सदस्यीय टीम का गठन किया था।
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कार्रवाई का अभी था सही समय
विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाओं के नजदीक आने के कारण स्कूलों की शिक्षा में सुधार लाने के लिए निरीक्षण टीम की कार्रवाई का सही समय अभी था, लेकिन बिना सुविधाओं व टीम सदस्यों के ऐसा नहीं हो पा रहा है।
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अगस्त 2016 में जारी की थी निरीक्षण टीम की अधिसूचना
केएस चंदेल, जिला निरीक्षण उपनिदेशक शिक्षा विभाग ने कहा कि निरीक्षण टीमों के गठन के लिए मंत्रीमंडल ने शिक्षा विभाग को 27 मई 2016 को निर्देश जारी किए थे व अगस्त 2016 में शिक्षा विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की थी। अभी तक उन्हें शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन की ओर से कार्यालय प्रदान नहीं किया गया है। निरीक्षण टीम के छह सदस्यों में से सिर्फ दो की नियुक्ति की गई है। निरीक्षण के लिए शिक्षा विभाग ने कोई भी वाहन उपलब्ध नहीं करवाया है। कार्यालय के संदर्भ में जिला उपायुक्त को भी ज्ञापन सौंपा है। लोनिवि से भी कार्यालय के लिए मांग की गई है।
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लोक निर्माण विभाग अन्य किसी भी विभाग में अभी तक कोई भी कमरा खाली नहीं करवाया है। सभी विभागों में कर्मचारियों के मुकाबले कमरों की संख्या कम है। इस कारण कर्मचारियों को भी एक प्लान के सहारे एडजस्ट किया गया है। इसमें से जिला निरीक्षण के कार्यालय के लिए भवन उपलब्ध करवाना मुश्किल है, लेकिन फिर भी प्रयत्न किया जाएगा।
-जीएस राणा, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग ऊना।
जिस कारण निरीक्षण टीम ऊना के सदस्य बिना कार्यालय व सुविधाओं के अन्य विभागों की पनाह लेने को मजबूर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र ¨सह ने बीते वर्ष बजट भाषण में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सभी जिलों में निरीक्षण टीमों का गठन करने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए थे। शिक्षा विभाग की ओर से जिला ऊना में सिर्फ निरीक्षण टीम के जिला उपनिदेशक केएस चंदेल व प्रधानाचार्य अशोक कुमार चौधरी को ही नियुक्त किया है, बल्कि इस टीम में एक उपनिदेशक, एक प्रधानाचार्य, एक ब्लॉक अधिकारी, एक क्लर्क, एक पीयून सहित छह सदस्यीय टीम का गठन किया था।
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कार्रवाई का अभी था सही समय
विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाओं के नजदीक आने के कारण स्कूलों की शिक्षा में सुधार लाने के लिए निरीक्षण टीम की कार्रवाई का सही समय अभी था, लेकिन बिना सुविधाओं व टीम सदस्यों के ऐसा नहीं हो पा रहा है।
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अगस्त 2016 में जारी की थी निरीक्षण टीम की अधिसूचना
केएस चंदेल, जिला निरीक्षण उपनिदेशक शिक्षा विभाग ने कहा कि निरीक्षण टीमों के गठन के लिए मंत्रीमंडल ने शिक्षा विभाग को 27 मई 2016 को निर्देश जारी किए थे व अगस्त 2016 में शिक्षा विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की थी। अभी तक उन्हें शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन की ओर से कार्यालय प्रदान नहीं किया गया है। निरीक्षण टीम के छह सदस्यों में से सिर्फ दो की नियुक्ति की गई है। निरीक्षण के लिए शिक्षा विभाग ने कोई भी वाहन उपलब्ध नहीं करवाया है। कार्यालय के संदर्भ में जिला उपायुक्त को भी ज्ञापन सौंपा है। लोनिवि से भी कार्यालय के लिए मांग की गई है।
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लोक निर्माण विभाग अन्य किसी भी विभाग में अभी तक कोई भी कमरा खाली नहीं करवाया है। सभी विभागों में कर्मचारियों के मुकाबले कमरों की संख्या कम है। इस कारण कर्मचारियों को भी एक प्लान के सहारे एडजस्ट किया गया है। इसमें से जिला निरीक्षण के कार्यालय के लिए भवन उपलब्ध करवाना मुश्किल है, लेकिन फिर भी प्रयत्न किया जाएगा।
-जीएस राणा, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग ऊना।