सुंदरनगर: प्रदेश में
बी.एड. की फीस में अभी कोई बदलाव नहीं होगा। बी.एड. कॉलेज एसोसिएशन के
प्रदेशाध्यक्ष डॉ. आर.के. शांडिल ने कहा कि 5 वर्ष पूर्व उच्च न्यायालय के
निर्देशों के अनुसार एक कमेटी के गठन के बाद बी.एड. की एक वर्ष की फीस
46750 रुपए तय की गई थी लेकिन सरकार में शिक्षा विभाग में बैठे आला
अधिकारियों ने इस फीस को घटाकर 31 हजार रुपए की प्रपोजल तैयार कर दी है
जबकि ट्यूशन फीस जिसे कोर्ट के निर्देश के बाद ही 35750 रुपए निर्धारित
करवाया था।
फीस स्ट्रक्चर को लेकर कर दी छेड़छाड़
उन्होंने कहा कि इस संबंध में हिमाचल प्रदेश बी.एड. कॉलेज एसोसिएशन की महत्वपूर्ण बैठक पालमपुर में प्रदेशाध्यक्ष डा. आर.के. शांडिल की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश भर के बी.एड. कॉलेज प्रबंधकों ने हिस्सा लिया और फीस पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रदेश शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों की कार्यशैली की कड़ी निंदा की गई। उक्त अधिकारियों ने तो बी.एड. की एक वर्ष की फीस ट्यूशन फीस से कम कर दी और इसे 25 हजार रुपए किया जा रहा है। एसोसिएशन ने अधिकारियों की इस मनमानी को रोकने के लिए पुन: हाईकोर्ट में याचिका दायर की है लेकिन शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों ने एक बार पुन: फीस स्ट्रक्चर को लेकर छेड़छाड़ कर दी है।
अधिकारी चुनावी वर्ष में कांग्रेस सरकार की छवि खराब करने में लगे
शिक्षा विभाग में बैठे अधिकारी चुनावी वर्ष में कांग्रेस सरकार की छवि खराब करने में लगे हैं। इससे पहले भी बी.एड. में जानबूझ कर छात्रों को परेशानी में धकेला गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की पूर्व में हुई अधिसूचना के द्वारा 3 वर्ष के बाद ट्यूशन फीस में 5 प्रतिशत की वृद्धि होनी थी। डा. शांडिल ने कहा कि सत्र 2016-18 के बी.एड. छात्रों से फीस 46750 ही ली जाएगी। इसके पश्चात न्यायालय जो भी दिशा-निर्देश जारी करेगा उसके अनुसार ही आगामी फीस ली जाएगी।