हिमाचल के सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षकों को टीचिंग की बारीकियां सीखने
के लिए विदेश जाने का मौका मिल सकता है। यूनाइटेड स्टेट इंडिया एजुकेशन
फाउंडेशन देश के 17 राज्यों के शिक्षकों के लिए अमेरिका में ट्रेनिंग
कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है।
यूएसआईईएफ ने टीचिंग एक्सीलेंस एंड एचीवमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की है। टीचिंग कार्यक्रम के लिए विभाग की कोई भूमिका नहीं रहेगी। बल्कि शिक्षकों को खुद ही इसके लिए अपना नाम दर्ज करवाना होगा। http://oas.irex.org/tea. पर लॉग इन करके ऑन लाइन टेस्ट देना होगा। टेस्ट में उत्तीर्ण होने के बाद ही शिक्षकों का चयन इसके लिए किया जाएगा। टीचर वेबसाइट यूनाइटेड स्टेट इंडिया एजुकेशन फाउंडेशन पर भी लाग इन कर सकते हैं। राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को सुधारने और टीचिंग की नई तकनीक के बारे में उन्हें बताया जाएगा। स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा के लिए ये कार्यक्रम शुरू किया गया है। सरकारी स्कूलों के 6 से 12 तक के टीचरों के लिए ये कार्यक्रम होगा। इसमें अंग्रेजी, सामान्य विज्ञान, गणित, विज्ञान और विशिष्ट सेवा के शिक्षक भाग ले सकेंगे। राज्य के सरकारी स्कूलों में नियमित तौर पर तैनात टीचर इस ट्रेनिंग के लिए पात्र होंगे। स्कूल में अंग्रेजी, सामाजिक अध्ययन, गणित, विज्ञान या विशेष शिक्षा का अध्ययन करा रहे हों। इस योजना में हिमाचल सहित दिल्ली जम्मू कश्मीर जैसे अन्य राज्यों के टीचरों को जाने का मौका मिलेगा।
6 हफ्ते में कार्यक्रम
हिमाचलप्रदेश उच्चतर शिक्षा विभाग का कहना है कि उनके पास अभी तक कार्यक्रम की रूप रेखा नहीं पहुंची है। ट्रेनिंग कार्यक्रम के तहत शिक्षकों के ग्रुप बनाए जाएंगे। एक ग्रुप में 80 टीचरों को शामिल किया जाएगा। 6 हफ्ते तक उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। शिक्षाविद टीचरों को टीचिंग की नई तकनीक और मॉड्यूल के बारे में बताएंगे।
यूएसआईईएफ ने टीचिंग एक्सीलेंस एंड एचीवमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की है। टीचिंग कार्यक्रम के लिए विभाग की कोई भूमिका नहीं रहेगी। बल्कि शिक्षकों को खुद ही इसके लिए अपना नाम दर्ज करवाना होगा। http://oas.irex.org/tea. पर लॉग इन करके ऑन लाइन टेस्ट देना होगा। टेस्ट में उत्तीर्ण होने के बाद ही शिक्षकों का चयन इसके लिए किया जाएगा। टीचर वेबसाइट यूनाइटेड स्टेट इंडिया एजुकेशन फाउंडेशन पर भी लाग इन कर सकते हैं। राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को सुधारने और टीचिंग की नई तकनीक के बारे में उन्हें बताया जाएगा। स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा के लिए ये कार्यक्रम शुरू किया गया है। सरकारी स्कूलों के 6 से 12 तक के टीचरों के लिए ये कार्यक्रम होगा। इसमें अंग्रेजी, सामान्य विज्ञान, गणित, विज्ञान और विशिष्ट सेवा के शिक्षक भाग ले सकेंगे। राज्य के सरकारी स्कूलों में नियमित तौर पर तैनात टीचर इस ट्रेनिंग के लिए पात्र होंगे। स्कूल में अंग्रेजी, सामाजिक अध्ययन, गणित, विज्ञान या विशेष शिक्षा का अध्ययन करा रहे हों। इस योजना में हिमाचल सहित दिल्ली जम्मू कश्मीर जैसे अन्य राज्यों के टीचरों को जाने का मौका मिलेगा।
6 हफ्ते में कार्यक्रम
हिमाचलप्रदेश उच्चतर शिक्षा विभाग का कहना है कि उनके पास अभी तक कार्यक्रम की रूप रेखा नहीं पहुंची है। ट्रेनिंग कार्यक्रम के तहत शिक्षकों के ग्रुप बनाए जाएंगे। एक ग्रुप में 80 टीचरों को शामिल किया जाएगा। 6 हफ्ते तक उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। शिक्षाविद टीचरों को टीचिंग की नई तकनीक और मॉड्यूल के बारे में बताएंगे।