सहयोगी नेरचौक : सेवानिवृत्त अध्यापकों की सेवाएं जारी रखने के सरकार के
फैसले का अनुसूचित जाति जनजाति टेट पास बेरोजगार प्रशिक्षित अध्यापक संघ
ने विरोध किया है।
संघ के जिलाध्यक्ष हरि ¨सह कौंडल ने सरकार के इस निर्णय
को हास्यस्पद करार देते हुए प्रशिक्षित बेरोजगारों से भद्दा मजाक बताया है।
उच्च न्यायालय के आदेश की पालना कर सरकार को प्रशिक्षित बेरोजगारों को
रोजगार प्रदान करना चाहिए। लेकिन प्रदेश सरकार लंबे अरसे से प्रशिक्षित
बेरोजगारों की नियमानुसार भर्ती करने में परहेज करते हुए एसएमसी व पीटीए
जैसी पालिसी से भर्तियां कर अन्याय कर रही है। अब एक और नया तरीका ढूंढ
लिया है कि सेवानिवृत्त अध्यापकों की भर्ती की जाएगी।
सरकार का यह निर्णय बेरोजगारों को बिल्कुल मान्य नहीं है। संघ मांग
करता है कि बेरोजगारों की पहले से चली आ रही मांगों के ऊपर सरकार विचार करे
और कमीशन, बैचवाइज व बैकलॉग के आधार पर भर्तियां की जाएं। हजारों बेरोजगार
पैंतालीस साल की आयु पूरी करने की दहलीज पर पहुंच चुके हैं। अगर सरकार
अपने इस निर्णय को नहीं बदलती है तो संघ को मजबूरन अपने हक की लड़ाई लड़ने के
लिए आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा।