पालमपुर —अनुबंध से नियमित अध्यापक संघ संघर्ष मंच की
बैठक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परौर में हुई। इसमें संघ ने अपनी
मांगों और अन्य कई लाभों को लेकर चर्चा की।
बैठक में मुद्दा उठाया गया ,कि
अनुबंध से नियमित अध्यापक जो 2008 में नियुक्त हुए उन्हें पुराने आरएंडपी
रुल्ज के तहत नियमित नियुक्ति मिलनी चाहिए थी। नए आरएंडपी रुल्ज अक्टूबर
2009 में बने , जिस कारण यह वर्ग आज तक प्रताडि़त हो रहा है। अनुबन्ध पर भी
इनसे ज्यादा कार्य लिया गया ,जिस कारण आज यह लोग वरिष्ठता व आर्थिक लाभों
से वंचित हैं। साथ ही 2002 की विवादित भर्तियों जिन्हें कोर्ट आदेशों के
बाद 2009 के बाद नियुक्ति मिली थी। संघ का कहना है कि यह प्रताडि़त वर्ग
भाजपा के समय में ही भर्ती हुआ था। जबकि 2010 के जेबीटी शिक्षक जिन्हें भी
पुराने आरएंडपी रुल्ज के तहत नियमित रखा था आज वे पीजीटी बन चुके हैं।
2008 का टीजीटी अभी भी टीजीटी ही है। जबकि 2020 तक उसके लिए किसी प्रोमोशन
का प्रावधान नहीं है। मंच सदस्य प्रवीण कुमार समेत अध्यापक संघ ने
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस वर्ग के साथ होने वाले अन्याय पर सोचने का
आग्रह किया है और साथ ही मांग की है कि कम से कम वरिष्ठता लाभ दिए जाएं। इस
मौके पर चंबा से सुमन रानी, बिलासपुर से शर्मिला चंदेल, रैत से जसविंद्र
कौर, नविता परमार, संगीता कटोच, सोनिका कुमारी, कल्पना महाजन, सुमन राणी,
विनु शर्मा, बिलासपुर से अनूप पराशर, राजेश कुमार, डाडासीबा से रघुवीर,
कुलदीप सिंह, गुरदीप सिंह, कपिल राज अंगारिया, अरुण कानूनगो, अनिल पटियाल,
सुशील कुमार, दिनेश पठानिया व शेलेंद्र सूद समेत कई अध्यापक मौजूद रहे।
अनुबंध से नियमित अध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री व्हाट्सएप योजना का समर्थन
किया।