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शिक्षकों की परीक्षा ड्यूटी की अभी तक नहीं हुई जांच

शिमला लगातार बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगाने वाले शिक्षकों के ऊपर शिक्षा विभाग के दिए जांच के आदेश फाइलों में ही बंद हो कर रह गए हैं। इसमें उन शिक्षकों की जांच की जानी थी, जिसमें तीन से पांच वर्ष तक लगातार कुछ चुनिंदा निजी स्कूल में अपनी ड्यूटी लगवा रहे हैं। 
शिक्षा विभाग ने इस बाबत स्कूल शिक्षा बोर्ड के पृर्व सचिव को पत्र लिखा था जिसमें कहा गया था कि प्रदेश स्नातकोत्तर अध्यापक संघ की ओर से शिक्षा विभाग को सौंपे गए शिकायत पत्र पर ये कार्रवाई अमल में लाई जाए, लेकिन अभी तक ये कार्रवाई अमल में लाई ही नहीं गई है।
जिस पर जांच के आदेश देने के साथ शिक्षा विभाग ने बोर्ड सचिव को मामले पर जल्द ही उचित कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए थे। जिस पर अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। पोस्ट गे्रजुएट शिक्षक संघ ने यह मामला दोबारा उठाया है। इसमें शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव के शिकायत की गई है।

संघ के अध्यक्ष चितरंजन काल्टा का कहना है कि इसमें कोई गिरोह काम कर रहा

संघ के अध्यक्ष चितरंजन काल्टा का कहना है कि शिक्षा विभाग ने बोर्ड को जांच करने के लिए कहा था जिस पर बोर्ड ने कोई कदम आगे नहीं बढ़ाया है। शिक्षक संघ की शिकायत के मुताबिक कुछ शिक्षक बोर्ड एग्जा़म में निजी स्कूलों के साथ मिलकर उनके रिजल्ट को बेहतर करने के लिए कई वर्षों से ड्यूटी लगा रहे है। संघ के अध्यक्ष चितरंजन काल्टा का कहना है कि इसमें कोई गिरोह काम कर रहा है जिसकी जांच की जानी चाहिए।

इस पर उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक जो अब निदेशक हैं, उनके आदेश हवा-हवाई साबित किए गए हैं। संघ ने शिक्षा विभाग को सौंपी अपनी शिकायत में लिखा है कि बोर्ड परीक्षा में मुख्य तौर पर उडऩ दस्तों में शामिल कुछ शिक्षक चुनिंदा स्कूलों में जा रहे है। इस पर स्कूल शिक्षा बोर्ड को जरूर कार्रवाई अमल में लानी चाहिए।

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