राज्य ब्यूरो, शिमला : प्रदेश सरकार के सात हजार प्राइमरी शिक्षकों के
लिए बढ़ती उम्र में पढ़ाई करना मुसीबत बन गया है। छह महीने का ब्रिज कोर्स
करने के लिए उनकी स्कूलों में कक्षाएं नहीं लगेंगी। शिक्षकों को नियमित
नौकरी बचाने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई करनी होगी जिसमें उन्हें दिक्कतें झेलनी
पड़ रही हैं।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआइओएस) के माध्यम से पढ़ाई करने के चक्कर में फंसे शिक्षकों को समझ नहीं आ रहा है कि वे क्या करें। ब्रिज कोर्स के लिए पांच हजार रुपये शुल्क दे चुके शिक्षकों की परेशानी सुनने वाला कोई नहीं है। एनआइओएस की ओर से आवेदन करने की तारीख 15 दिसंबर तक बढ़ाई गई है। प्रदेश सरकार ने स्कूलों में शिक्षा को बाधित होने से बचाने के लिए ग्राम विद्या उपासक भर्ती किए थे। जेबीटी योग्यता रखने वाले शिक्षकों को सरकार ने अगस्त 2011 में नियमित कर दिया था। सरकार ने इन शिक्षकों की शैक्षणिक व व्यवसायिक योग्यता की पूर्ति के लिए ब्रिज कोर्स की शर्त लगाई। करसोग में गनोला प्राथमिक स्कूल के शिक्षक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जेबीटी शिक्षकों को छह साल पहले नियमित किया जा चुका है और अब ब्रिज कोर्स करवाने की क्या जरूरत है। दो महीने के भीतर एनआइओएस की ओर से छह से अधिक पत्र आ चुके हैं। ऑनलाइन शुल्क जमा करवा कर शिक्षकों ने पंजीकरण करवाया है लेकिन बेरीफिकेशन नहीं हो पा रही है। पोर्टल व्यवस्थित न होने से ऑनलाइन हाजिरी भी नहीं लग पा रही है। वर्ष 2011 में नियमित हो चुके शिक्षक चाहते हैं कि उन्हें पेश आ रही मुश्किलों का समाधान निकाला जाए। धर्मशाला में एनआइओएस का क्षेत्रीय कार्यालय है। शिक्षकों का कहना है कि वहां पर कोई भी उनकी परेशानियों को सुनने वाला नहीं है।
पोर्टल पर है पूरी जानकारी
इस मामले में विभाग क्या कर सकता है। सब कुछ ऑनलाइन है। शिक्षकों को ब्रिज कोर्स करने के लिए आवेदन करना होगा। पोर्टल पर पूरी जानकारी उपलब्ध है।
मनमोहन शर्मा, निदेशक, प्राथमिक शिक्षा।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआइओएस) के माध्यम से पढ़ाई करने के चक्कर में फंसे शिक्षकों को समझ नहीं आ रहा है कि वे क्या करें। ब्रिज कोर्स के लिए पांच हजार रुपये शुल्क दे चुके शिक्षकों की परेशानी सुनने वाला कोई नहीं है। एनआइओएस की ओर से आवेदन करने की तारीख 15 दिसंबर तक बढ़ाई गई है। प्रदेश सरकार ने स्कूलों में शिक्षा को बाधित होने से बचाने के लिए ग्राम विद्या उपासक भर्ती किए थे। जेबीटी योग्यता रखने वाले शिक्षकों को सरकार ने अगस्त 2011 में नियमित कर दिया था। सरकार ने इन शिक्षकों की शैक्षणिक व व्यवसायिक योग्यता की पूर्ति के लिए ब्रिज कोर्स की शर्त लगाई। करसोग में गनोला प्राथमिक स्कूल के शिक्षक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जेबीटी शिक्षकों को छह साल पहले नियमित किया जा चुका है और अब ब्रिज कोर्स करवाने की क्या जरूरत है। दो महीने के भीतर एनआइओएस की ओर से छह से अधिक पत्र आ चुके हैं। ऑनलाइन शुल्क जमा करवा कर शिक्षकों ने पंजीकरण करवाया है लेकिन बेरीफिकेशन नहीं हो पा रही है। पोर्टल व्यवस्थित न होने से ऑनलाइन हाजिरी भी नहीं लग पा रही है। वर्ष 2011 में नियमित हो चुके शिक्षक चाहते हैं कि उन्हें पेश आ रही मुश्किलों का समाधान निकाला जाए। धर्मशाला में एनआइओएस का क्षेत्रीय कार्यालय है। शिक्षकों का कहना है कि वहां पर कोई भी उनकी परेशानियों को सुनने वाला नहीं है।
पोर्टल पर है पूरी जानकारी
इस मामले में विभाग क्या कर सकता है। सब कुछ ऑनलाइन है। शिक्षकों को ब्रिज कोर्स करने के लिए आवेदन करना होगा। पोर्टल पर पूरी जानकारी उपलब्ध है।
मनमोहन शर्मा, निदेशक, प्राथमिक शिक्षा।