संवाद सूत्र, स्वारघाट : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला स्वाहण को मॉडल
स्कूल की श्रेणी से बाहर निकाल दिया गया है। पाठशाला स्वाहण को वर्ष 2015
में मॉडल स्कूल चुना गया था। शिक्षा विभाग के फैसले पर स्कूल प्रबंधन समिति
ने ऐतराज जताया है और इसका विरोध किया है।
एक साल के बाद ही स्वाहण स्कूल को वर्ष 2016 में मॉडल स्कूल लिस्ट से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान जगदेव ¨सह ठाकुर, गुरपाल, विमला देवी, सुनीता देवी, घनश्याम, राम प्रकाश, बाबू राम, चेत राम, चेतना शर्मा ने बताया कि क्षेत्र की सबसे पुराने स्वाहण स्कूल में अध्यापकों के 10 पद तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के चार पद रिक्त हैं। इसके चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही। अब इस स्कूल में चौकीदार भी डेपोटेशन पर ही लाया गया है। अभिभावकों और एसएमसी की बार-बार मांग के बाद भी शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि यदि सही मायने में स्कूल को मॉडल स्कूल बनाना था तो सबसे पहले यहां शिक्षकों की तैनाती की जानी चाहिए थी जिससे नियमित रूप से छात्रों की पढ़ाई हो सके। ऐसा नहीं हुआ और स्कूल को मॉडल स्कूल लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। शिक्षा विभाग का स्कूल के प्रति फैसला सही नहीं है।
वहीं, उच्च शिक्षा बिलासपुर उपनिदेशक रवि जम्वाल ने कहा कि स्वाहण को वर्ष 2015 में मॉडल स्कूल लिस्ट में शामिल किया गया था। स्कूल को कुछ असाइनमेंट्स दी गयी थी, जिन्हें समय पर पूरा करने में असफल रहा है। इस कारण इस वर्ष स्कूल को मॉडल स्कूल लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। स्कूल में रिक्त पदों के बारे में विभाग के उच्चअधिकारियो को अवगत करवाया गया है। जैसे ही स्वीकृति मिलती है खाली पदों को भर दिया जाएगा। स्कूल प्रबन्धन समिति जरूरत पड़ने पर पीरियड आधार पर अध्यापकों की तैनाती कर सकती है।
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एक साल के बाद ही स्वाहण स्कूल को वर्ष 2016 में मॉडल स्कूल लिस्ट से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान जगदेव ¨सह ठाकुर, गुरपाल, विमला देवी, सुनीता देवी, घनश्याम, राम प्रकाश, बाबू राम, चेत राम, चेतना शर्मा ने बताया कि क्षेत्र की सबसे पुराने स्वाहण स्कूल में अध्यापकों के 10 पद तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के चार पद रिक्त हैं। इसके चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही। अब इस स्कूल में चौकीदार भी डेपोटेशन पर ही लाया गया है। अभिभावकों और एसएमसी की बार-बार मांग के बाद भी शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि यदि सही मायने में स्कूल को मॉडल स्कूल बनाना था तो सबसे पहले यहां शिक्षकों की तैनाती की जानी चाहिए थी जिससे नियमित रूप से छात्रों की पढ़ाई हो सके। ऐसा नहीं हुआ और स्कूल को मॉडल स्कूल लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। शिक्षा विभाग का स्कूल के प्रति फैसला सही नहीं है।
वहीं, उच्च शिक्षा बिलासपुर उपनिदेशक रवि जम्वाल ने कहा कि स्वाहण को वर्ष 2015 में मॉडल स्कूल लिस्ट में शामिल किया गया था। स्कूल को कुछ असाइनमेंट्स दी गयी थी, जिन्हें समय पर पूरा करने में असफल रहा है। इस कारण इस वर्ष स्कूल को मॉडल स्कूल लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। स्कूल में रिक्त पदों के बारे में विभाग के उच्चअधिकारियो को अवगत करवाया गया है। जैसे ही स्वीकृति मिलती है खाली पदों को भर दिया जाएगा। स्कूल प्रबन्धन समिति जरूरत पड़ने पर पीरियड आधार पर अध्यापकों की तैनाती कर सकती है।
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