अपने प्रश्न में जवाहर ठाकुर ने कहा कि द्रंग इलाका पिछड़ा हुआ है। कोई काम नहीं हुए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि विधायक की चिंता जायज है। हमें पता है कि क्यों इस विधानसभा क्षेत्र में काम नहीं हुआ।
परमार ने कहा कि पूर्व सरकार ने शिक्षण संस्थान खोलने के लिए मानक पूरे नहीं किए। स्कूलों में छात्रों को बैठने के लिए टाट-पट्टी की व्यवस्था नहीं है। क्षेत्र में अध्यापकों के पद खाली हैं। उन्होंने द्रंग हलके में मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय को प्राथमिकता के आधार पर खोलने की मांग की।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वह आदर्श विद्यालय खोलने को लेकर पत्र शिक्षा विभाग को भेजें, विभाग इस पर विचार करेगा। उन्होंने कहा कि द्रंग हलके में शिक्षण संस्थानों में विभिन्न श्रेणी के 2386 स्वीकृत पदों में से 457 पद खाली हैं।