इस याचिका पर सुनवाई 12 सितंबर को होगी। इससे पहले सरकार को इस मामले में इंस्ट्रक्शंस के अलावा संक्षिप्त जवाब शपथ पत्र के माध्यम से दाखिल करना होगा।
बिना इंटरव्यू केवल शैक्षणिक योग्यता की मैरिट पर यह अस्थायी टीचर केवल उन स्कूलों में रखे जाने थे, जहां पिछले एक साल से कोई टीचर
नहीं था। इधर शिक्षक संघ इस तरह की बैकडोर भर्ती का विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के कारण इस भर्ती को ट्रिब्यूनल में चुनौती दी गई है। सूत्र बताते हैं कि कैबिनेट में भी कुछ मंत्री कोर्ट में चल रहे रिक्त पदों के केस के बहाने इस भर्ती को करवाना चाहते थे, ताकि चहेतों को स्कूलों में इस तरह लगवाया जा सके। लेकिन कोर्ट में मामला जाने के बाद अब यह प्रक्रिया फंसती हुई नजर आ रही है।