करसोग (मंडी)। पीटीए शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के बराबर वेतन देने की
अधिसूचना जारी नहीं होने से अध्यापकों में रोष है। पीटीए संघ के उपाध्यक्ष
अनिल कुमार ने कहा कि 9 फरवरी को बजट में सीएम जयराम
ठाकुर ने अनुबंध कार्यकाल पूरा कर चुके लगभग 5000 पीटीए को नियमित शिक्षक के बराबर सभी वित्तीय लाभ देनेे की घोषणा की थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। इससे प्रदेश के हजारों पीटीए शिक्षकों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों में पिछले 13 वर्षों से निरंतर सेवाएं देने के बाद भी आज हजारों अनुबंध पीटीए शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि हजारों शिक्षक पिछले एक वर्ष से नियमितीकरण की राह देख रहे हैं और प्रदेश सरकार से उन्हें नियमित करने के नाम पर मात्र आश्वासन ही मिल रहे हैं। बजट में उनका वेतन बढ़ने की आस जगी है, परंतु वह पूरी नहीं हो पाई है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि पीटीए शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के बराबर वेतन देने की अधिसूचना जारी की जाए।
ठाकुर ने अनुबंध कार्यकाल पूरा कर चुके लगभग 5000 पीटीए को नियमित शिक्षक के बराबर सभी वित्तीय लाभ देनेे की घोषणा की थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। इससे प्रदेश के हजारों पीटीए शिक्षकों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों में पिछले 13 वर्षों से निरंतर सेवाएं देने के बाद भी आज हजारों अनुबंध पीटीए शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि हजारों शिक्षक पिछले एक वर्ष से नियमितीकरण की राह देख रहे हैं और प्रदेश सरकार से उन्हें नियमित करने के नाम पर मात्र आश्वासन ही मिल रहे हैं। बजट में उनका वेतन बढ़ने की आस जगी है, परंतु वह पूरी नहीं हो पाई है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि पीटीए शिक्षकों को नियमित शिक्षकों के बराबर वेतन देने की अधिसूचना जारी की जाए।