हिमाचल प्रदेश सरकार ने विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर युवाओं के साथ हो रही धोखाधड़ी को रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू कर दी है। अब विदेश में नौकरी दिलाने की प्रक्रिया पूरी तरह से सरकारी निगरानी में होगी, जिससे फर्जी एजेंटों और अवैध कंपनियों पर लगाम लगेगी। सरकार का कहना है कि युवाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद तरीके से विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
नई व्यवस्था के तहत विदेश में रोजगार के लिए सरकारी स्तर पर चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए विशेष रोजगार मेलों और चयन शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जहां योग्य उम्मीदवारों को सीधे कंपनियों से जोड़ने की व्यवस्था होगी। इससे युवाओं को न तो किसी एजेंट को मोटी रकम देनी पड़ेगी और न ही ठगी का शिकार होना पड़ेगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
नए साल पर शिक्षकों को मिल सकता है तोहफा, शिक्षा विभाग में हलचल तेज
हिमाचल प्रदेश के शिक्षकों के लिए नए साल की शुरुआत अच्छी खबर के साथ हो सकती है। शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित पदोन्नति मामलों को लेकर हलचल तेज हो गई है। निदेशक स्कूल शिक्षा स्तर पर शिक्षकों से विकल्प मांगे गए हैं, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि प्रमोशन प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि टीजीटी और लेक्चरर वर्ग के शिक्षकों को उच्च पदों पर पदोन्नति देने की तैयारी चल रही है। यदि यह प्रक्रिया पूरी होती है तो बड़ी संख्या में शिक्षकों को न केवल पदोन्नति का लाभ मिलेगा, बल्कि उनके वेतन और सेवा शर्तों में भी सुधार होगा। शिक्षक संगठनों ने सरकार से अपील की है कि नए साल में लंबित मामलों को सुलझाकर शिक्षकों को राहत दी जाए।
सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से उठाए जा रहे इन कदमों से यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में न केवल युवाओं के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांगें भी पूरी हो सकेंगी।