शिमला। हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध स्कूलों के लिए प्रस्तावित सब-केडर शिक्षक चयन परीक्षा को लेकर शिक्षक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। CBSE स्कूल सब-केडर शिक्षक संघ ने इस परीक्षा के आयोजन का कड़ा विरोध करते हुए इसे शिक्षकों के साथ अन्याय बताया है।
शिक्षक संघ का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा सब-केडर शिक्षकों के लिए अलग से परीक्षा आयोजित करने का निर्णय अनुचित है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, जो शिक्षक पिछले कई वर्षों से बेहतर परीक्षा परिणाम दे रहे हैं, उनकी योग्यता पर सवाल उठाना गलत है। बच्चों के अच्छे परिणाम ही शिक्षकों की दक्षता का प्रमाण हैं, न कि कोई अतिरिक्त परीक्षा।
संघ ने तर्क दिया कि 10 से 15 वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों को दोबारा चयन परीक्षा में बैठने के लिए मजबूर करना मनोबल तोड़ने वाला कदम है। इससे न केवल शिक्षकों में असंतोष फैलेगा, बल्कि इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर भी पड़ेगा।
शिक्षकों का यह भी कहना है कि यदि इस तरह की व्यवस्था लागू की जाती है, तो यह अन्य सरकारी सेवाओं में लागू नियमों के विपरीत होगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सब-केडर शिक्षक चयन परीक्षा के प्रस्ताव को तत्काल वापस लिया जाए।
शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शिक्षकों के अनुभव और कार्य निष्पादन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।