हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने तय किया है कि अब सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शिक्षा दी जाएगी। इसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
सरकार का मानना है कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डिजिटल टेक्नोलॉजी का महत्व तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में स्कूल स्तर से ही छात्रों को इन विषयों की बुनियादी जानकारी देना जरूरी है, ताकि वे उच्च शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों के लिए सक्षम बन सकें।
नई पहल के तहत शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के लिए तकनीकी ट्रेनिंग, वर्कशॉप और क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे वे एआई जैसे आधुनिक विषयों को सरल तरीके से पढ़ा सकें।
शिक्षा विभाग के अनुसार, नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम में तकनीकी और नवाचार आधारित विषयों को शामिल किया जाएगा। इससे छात्रों की तार्किक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला हिमाचल प्रदेश के छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार करेगा और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगा। यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।