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सरकारी नौकरी नहीं पा सकेंगे अयोग्य शिक्षक

राज्य ब्यूरो, देहरादून भर्ती पात्रता की शर्ते पूरी नहीं करने वाले शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एनसीइआरटी की गवर्निग काउंसिल की महासभा ने यह तय कर दिया है कि भविष्य में प्राइमरी से लेकर माध्यमिक स्तर तक अयोग्य व अप्रशिक्षित शिक्षकों की भर्ती कतई नहीं होगी।

शिक्षक पुरस्कार देने के लिए बदला चयन का तरीका, 15 तक करें आवेदन

राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन करने का सरकार ने तरीका बदल दिया है। अब शिक्षक एक-दूसरे को भी पुरस्कार के लिए नामांकित कर सकेंगे। स्कूल, खंड और जिला शिक्षा अधिकारी पुरस्कार के लिए शिक्षकों को नामांकित कर सकेंगे।

आउटसोर्सिंग पर नियुक्त डेढ़ हजार कंप्यूटर शिक्षकों को झटका

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आउटसोर्सिंग पर नियुक्त कंप्यूटर शिक्षकों के विरोध के बावजूद आईटी कंपनी को दोबारा एक साल की ऐक्सटेंशन दे दी गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने नाइलिट कंपनी का पहली जुलाई 2017 से 30 जून 2018 तक सेवा विस्तार बढ़ा दिया है। शिक्षा निदेशालय और नाइलिट कंपनी के बीच बुधवार को इसको लेकर एमओयू साइन किया गया। 

दो दिन में मांगे नहीं मानी तो तीन जुलाई को होगा प्रदर्शन

मंडी। राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। संघ ने कहा कि अगर लंबित मांगों को 30 जून तक पूरा नहीं किया गया तो तीन जुलाई को शिक्षा निदेशालय के बाहर प्रदर्शन करने को विवश होंगे।

धरना-प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों पर सख्ती, अब नहीं मिलेगी लीव

शिक्षकों और गैर शिक्षकों को अब धरना-प्रदर्शन करने के लिए कैजुअल लीव (सीएल) नहीं मिलेगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने 27 मई को शिक्षकों द्वारा किए गए विधानसभा के घेराव के बाद सख्ती बरतते हुए सभी स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश जारी करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए शिक्षकों को कैजुअल लीव देने से इंकार कर दिया है।

ये लेडी टीचर दिन में बच्चों को पढ़ाती थी और रात को करती थी ये गंदा काम

महिला टीचर कोबच्चों पढ़ाना अच्छा लगता है लेकिन रात में वो ऐसा काम करती थी जिसके बारे में पता चलने पर स्कूल प्रबंधन ने उसे स्कूल से निकाल दिया।

हाईकोर्ट के आदेशों पर भी सेवानिवृत शिक्षक वितीय लाभ से वंचित

बिलासपुर। सूबे के 605 शिक्षक प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भी वित्तीय लाभ से महरूम हैं। हालांकि सरकार ने भी माना है कि 605 सेवानिवृत्त शिक्षकों को इसका लाभ मिलना चाहिए। मगर तमाम प्रयासों और कोर्ट के आदेशों के बाद भी शिक्षकों को यह लाभ नहीं मिल रहे हैं।

आकस्मिक अवकाश का बताना होगा सही कारण, वरना नहीं मिलेगी छुट्टी

राज्य ब्यूरो, शिमला : शिक्षकों को अब आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करवाने के लिए सही कारण बताना होगा। तभी स्कूल मुखिया शिक्षकों की अर्जी मंजूर करेंगे। शिक्षा विभाग ने वीरवार को सभी जिला उपनिदेशकों के माध्यम से स्कूल प्रधानाचार्यो को ऐसे आदेश जारी कर दिए है। विभाग ने प्रधानाचायरें को इन आदेशों को गंभीरता से लेने को कहा है।

हिमाचल सरकार का PTA शिक्षकों को अल्टीमेटम, यह काम पूरा करो वर्ना जाएगी नौकरी

शिमला: हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में ग्रांट इन एड व अनुबंध पर कार्यरत पी.टी.ए. शिक्षक  यदि इस दौरान न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करते हैं तो उन्हें नौकरी से हाथ धोने पड़ सकते हैं। प्रदेश सरकार ने ऐसे पी.टी.ए. शिक्षकों जिन्होंने अभी तक उक्त पात्रता पूरी नहीं की है, को आदेश जारी कर जल्द यह पात्रता पूरी करने क ो कहा है, नहीं तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।

प्रशासनिक अधिकारी और रजिस्ट्रार के पद को प्लेसमेंट आधार पर भरे विभाग

शिमला | हिमाचलप्रदेश गैर शिक्षक कर्मचारी महासंघ की बैठक निदेशक उच्चतर शिक्षा और प्रारंभिक शिक्षा के साथ आयोजित हुई। बैठक में गैर शिक्षक कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी अन्य सदस्यों ने भाग लिया। इस बैठक में प्रदेश के गैर शिक्षक कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया

20 हजार शिक्षकों में एक भी ऐसा नहीं जिसने 5 साल में 90% रिजल्ट दिया हो

राज्यसरकार सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा देने का दावा करती है। लेकिन हकीकत इस से कोसों दूर है। सूबे के सरकारी स्कूलों में तैनात प्रिंसिपल, हैडमास्टर सहित टीजीटी साइंस और पीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल कोई भी ऐसा नहीं है जिस ने 5 सालों तक लगातार 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 90 फीसदी इस से अच्छा रिजल्ट दिया हो। इन चार कैटेगरी की संख्या 20 हजार के करीब है।

अब हड़ताल और धरने पर जाने के लिए नहीं मिलेगी कैजुअल लीव

शिमला | शिक्षाविभाग में कार्यरत टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ एंटी गर्वमेंट एक्टिविटी में शामिल होने के लिए कैजुअल लीव नहीं ले पाएंगे। शिक्षा विभाग ने धरने प्रदर्शन, हड़ताल और आंदोलन जैसे आयोजनों में सीएल लेकर जाने पर रोक लगा दी है।

शिक्षा विभाग ने जारी किया फरमान, अब शिक्षकों को इस काम के लिए नहीं मिलेगी कैजुअल लीव

नाहन/शिमला: मांगों के समर्थन में हड़ताल व धरने देकर सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल होने वाले शिक्षकों की भविष्य में कैजुअल लीव स्वीकृत नहीं की जाएगी। सरकार के ये आदेश स्कूलों में तैनात मिनिस्ट्रियल स्टाफ पर भी लागू होंगे।

हद है! 5 साल में एक भी टीचर नहीं दे पाया 90 फीसदी रिजल्ट

हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बीते पांच साल में दसवीं और जमा दो कक्षा में विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषय में एक भी शिक्षक 90 फीसदी परीक्षा परिणाम नहीं दे सका है। बोर्ड कक्षाओं के लगातार खराब नतीजे शिक्षकों को नौकरी में सेवा विस्तार लेने के आड़े आ गए हैं।

धरना-प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों पर सख्ती, अब नहीं मिलेगी लीव

शिक्षकों और गैर शिक्षकों को अब धरना-प्रदर्शन करने के लिए कैजुअल लीव (सीएल) नहीं मिलेगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने 27 मई को शिक्षकों द्वारा किए गए विधानसभा के घेराव के बाद सख्ती बरतते हुए सभी स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश जारी करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए शिक्षकों को कैजुअल लीव देने से इंकार कर दिया है।

शिक्षकों की कमी पर एसएमसी कमेटियों ने बोला हल्ला

ऊना। अंब शिक्षा खंड के तहत प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर एसएमसी कमेटियों का गुस्सा फूट पड़ा है। मंगलवार को क्षेत्र की करीब एक दर्जन एसएमसी कमेटियों के पदाधिकारियों ने प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय का घेराव किया।

अध्यापकों के रिक्त पद नहीं भरे तो होगा आंदोलन

संवाद सूत्र, जुम्महार : राजकीय माध्यमिक पाठशाला घरमाणी में अध्यापकों के पद रिक्त होने के कारण अभिभावकों ने शिक्षा विभाग व प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

गैर शिक्षक कार्यों में न लगाए जाएं अध्यापक

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश मुख्याध्यापक संवर्ग अधिकारी एसोसिएशन की बैठक में विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। एसोसिएशन ने मांग करते हुए कहा कि मुख्याध्यापक के पद पर पदोन्नति अनुपात 50:50 से 60:40 किया जाए। इसके अलावा अध्यापकों को गैर शिक्षण कार्यों में न लगाया जाए।

शिक्षा विभाग की Teachers को दो टूक, कहा- हर हाल में करना होगा यह काम

शिमला: सरकारी स्कूलों में प्राथमिक शिक्षकों सहित टी.जी.टी., पी.जी.टी. व सभी वर्ग के शिक्षकों को हर रोज 'टीचर डायरी' लिखना अनिवार्य होगा। इसमें शिक्षकों को अपने लैसन प्लान तैयार करने होंगे और प्रतिदिन इसे मैंटेन करना होगा।

अंग्रेजी पढ़ानी है तो पहले खुद पढ़ी होनी चाहिए: राजस्थान हाई कोर्ट

राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के मद्देनजर एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि शिक्षकों के लिए वो विषय पढ़ा होना अनिवार्य है जिसे वह छात्रों को पढ़ाएंगे.

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